
दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 जनवरी को हुसैन को एआईएमआईएम के टिकट पर मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए हिरासत में पैरोल दी थी.
नई दिल्ली:
दिल्ली विधानसभा में चुनाव प्रचार के लिए AIMIM उम्मीदवार और दिल्ली दंगों में आरोपी ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई शुरू हो चुकी है. इस मामले की सुनवाई के दौरान ताहिर के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि उसे पिछले 4 सालों से अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर रखा गया है. ताहिर मार्च 2020 से लगातार हिरासत में है. जिस पर जस्टिस पंकज मिथल ने कहा कि उसके खिलाफ एक हत्या का मामला भी है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी मारा गया था..यह सिर्फ दंगे का ही नहीं.
कोर्ट की सुनवाई की खास बातें
- जस्टिस मिथल ने कहा कि सवाल यह है कि क्या उसे अंतरिम जमानत दी जा सकती है, जबकि उनका पिछला रिकॉर्ड इतना खराब है.
- ताहिर के वकील ने कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत नहीं मांग रहा.. यह अपने लिए प्रचार करने के लिए मांग रहा है और बीमारी का बहाना नहीं बना रहा है.
- दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन को अंतरिम जमानत दिए जाने का विरोध किया.. कहा ये याचिका चुनाव को आधार बनाकर जेल से बाहर आने का नाटक है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने क्या क्या कहा था
- पूर्व पार्षद और दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत मांगी है.
- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से ताहिर हुसैन की याचिका पर जवाब देने को कहा था.
- जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंट ने दिल्ली पुलिस के वकील से कहा था कि वे तैयारी करके आएं और अगली सुनवाई पर मामले में बहस करें.
- कोर्ट ने कहा था मान लीजिए, हम इस बात से सहमत हैं कि ताहिर को नियमित जमानत मिल सकती है, तो फिर हम कम से कम अंतरिम जमानत क्यों न दे दें?
- कोर्ट ने पूछा था कि यदि हम इस स्तर पर संतुष्ट हैं कि कुछ मामला बनता है, तो अंतरिम जमानत क्यों नहीं? वह 4 साल 10 महीने से जेल में हैं. वह केवल भड़काने वाला है और भड़काने का यही आरोप उन नौ मामलों में है, जिनमें उसे जमानत दी गई है. आप इस पर अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते.
- हुसैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा था कि पूर्व पार्षद 4 साल 10 महीने से हिरासत में हैं और 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान भीड़ को उकसाना उनके खिलाफ एकमात्र आरोप है.
- ताहिर हुसैन पर पर 11 मामलों में प्राथमिकी दर्ज है और उन्हें नौ मामलों में जमानत दी गई है. ताहिर को 16 मार्च, 2020 को गिरफ्तार किया गया था.
- हुसैन की हिरासत के तीन साल बाद आरोप तय किए गए और अभियोजन पक्ष ने 115 गवाह पेश किए, जिनमें से केवल 22 की ही जांच की गई।
- दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 जनवरी को हुसैन को एआईएमआईएम के टिकट पर मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए हिरासत पैरोल प्रदान की थी.
- -हाई कोर्ट ने हालांकि चुनाव लड़ने के लिये 14 जनवरी से नौ फरवरी तक के अंतरिम जमानत के हुसैन के अनुरोध को खारिज कर दिया था.